यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द, भर्तियाँ फिर शुरू होने की उम्मीद

प्रयागराज से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में लंबे समय से लंबित अध्यक्ष पद की नियुक्ति अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। आयोग में नए अध्यक्ष के चयन के बाद कई महीनों से रुकी भर्ती प्रक्रियाओं के दोबारा शुरू होने की संभावना मजबूत हो गई है। आयोग में अध्यक्ष पद के लिए आवेदन करने की निर्धारित तिथि समाप्त हो चुकी है और विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इस पद के लिए एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नियुक्ति को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है।

अध्यक्ष पद खाली होने से भर्ती प्रणाली प्रभावित, अभ्यर्थी परेशान

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में प्रो. कीर्ति पांडेय के इस्तीफे के बाद से पूरा प्रशासनिक तंत्र लगभग रुक-सा गया। आयोग का कार्यभार और महत्वपूर्ण निर्णय अध्यक्ष पद पर निर्भर करते हैं। पद खाली होने के बाद से असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का साक्षात्कार टल गया, जबकि टीजीटी-पीजीटी भर्ती परीक्षाओं को भी स्थगित करना पड़ा। आयोग का कार्यालय, जो इलाहाबाद के न्याय मार्ग क्षेत्र में स्थित है, पिछले कुछ समय से सामान्य गतिविधियों के बिना लगभग निष्क्रिय रहा है। हजारों अभ्यर्थी जिनकी उम्मीदें इन परीक्षाओं पर टिकी थीं, अब नए अध्यक्ष की नियुक्ति का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द, भर्तियाँ फिर शुरू होने की उम्मीद

अध्यक्ष पद के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी, रिटायर आईपीएस अधिकारी का नाम चर्चा में

अध्यक्ष पद के लिए पहले 21 अक्तूबर तक आवेदन मांगे गए थे, लेकिन बाद में विज्ञापन में संशोधन के चलते प्रक्रिया दोबारा खोलनी पड़ी। नए विज्ञापन में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई और इसके साथ ही अनेक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी रुचि दिखाई। आयोग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि एक रिटायर आईपीएस अधिकारी ने आवेदन किया है, जिनकी प्रशासनिक दक्षता और निर्णय क्षमता को देखते हुए उनका नाम सबसे आगे माना जा रहा है। चयन प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि इसी माह यानी वर्तमान कैलेंडर माह में नए अध्यक्ष की नियुक्ति हो सकती है।

नियुक्ति के बाद भर्तियों में तेजी आने की उम्मीद

अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही आयोग की रुकी हुई गतिविधियाँ फिर से सक्रिय हो जाएंगी। लम्बित टीजीटी-पीजीटी परीक्षाएं, असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के इंटरव्यू, और नए रिक्त पदों के लिए प्रस्तावित भर्ती विज्ञापनों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। हाल के वर्षों में शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में रिक्तियाँ बनी हुई हैं, जिन पर नियुक्ति का इंतजार अभ्यर्थियों और संस्थानों दोनों को है। नए अध्यक्ष के आने के बाद इन प्रक्रियाओं को तेज गति मिलने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार आयोग पहले से तय की गई भर्ती योजनाओं को प्राथमिकता देगा और नई भर्तियों के लिए भी प्रस्ताव तैयार रखे हैं। उम्मीद की जा रही है कि नियुक्ति होने के बाद आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट्स तेजी से जारी किए जाएंगे।

अभ्यर्थियों के लिए क्या होगा आगे का मार्ग

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uphighereducationcommission.org (या संबंधित सरकारी पोर्टल) पर नियमित रूप से नई सूचनाएं चेक करते रहें। अध्यक्ष नियुक्ति की घोषणा के तुरंत बाद नई परीक्षा तिथियों, एडमिट कार्ड और आगे की भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी जारी की जाएगी।

जो अभ्यर्थी असिस्टेंट प्रोफेसर और टीजीटी-पीजीटी जैसी भर्ती परीक्षाओं के इंतजार में हैं, उन्हें अपनी तैयारी जारी रखते हुए आधिकारिक सूचना पर ध्यान बनाए रखना चाहिए। आयोग की ओर से रुकी हुई सभी गतिविधियों को क्रमबद्ध तरीके से फिर शुरू करने का रोडमैप तैयार किया जा चुका है।

निष्कर्ष

शिक्षा सेवा चयन आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं है, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों की भविष्य की राह तय करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय है। लम्बे समय से ठप पड़ी भर्ती प्रणाली अब दोबारा गति पकड़ने वाली है। रिटायर आईपीएस अधिकारी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है और नियुक्ति होते ही आयोग पुनः सक्रिय कार्यप्रणाली में लौट आएगा। इससे सभी लंबित परीक्षाओं और नई भर्तियों के लिए रास्ता साफ होगा।

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