प्रयागराज जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में लंबे समय से प्रतीक्षित भर्ती प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। जिले के विभिन्न विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए प्रशासन ने संविदा आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया। शिक्षकों के 30 तथा गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के 17 पदों के लिए चयन कार्य पूर्ण हो चुका है और अब चयनित अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटित किए जा चुके हैं। जिला प्रशासन द्वारा अनुमोदन मिलते ही इस माह के भीतर सभी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए जाएंगे, जिससे विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियाँ बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से चल सकें।
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में कुल 160 शैक्षणिक और 120 गैर-शैक्षणिक पद स्वीकृत हैं। इनमें से 48 पद रिक्त चल रहे थे, जिनकी पूर्ति के लिए जारी विज्ञापन के आधार पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई। चयन प्रक्रिया में 47 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन हो सका, जबकि ईडब्ल्यूएस वर्ग के एक गैर-शैक्षणिक पद के लिए उपयुक्त अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हुआ। चयनित अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटित करने के लिए बुधवार को जिला विकास अधिकारी कार्यालय में काउंसलिंग आयोजित की गई, जिसमें 38 अभ्यर्थियों ने सहभागिता की। इनमें 25 अभ्यर्थी शिक्षक पद पर चयनित हुए और 13 अभ्यर्थी गैर-शैक्षणिक पदों के लिए उपस्थित रहे।

काउंसलिंग जिला विकास अधिकारी तथा बालिका शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की देखरेख में संपन्न हुई। जिला समन्वयक ने बताया कि नौ चयनित अभ्यर्थी काउंसलिंग में उपस्थित नहीं हो सके, जिनकी जगह प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। प्रशासन की यह पारदर्शी प्रक्रिया चयनित उम्मीदवारों को समय पर नियुक्ति सुनिश्चित करने में सहायक है।
शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से इस बार पाँच प्रमुख विषयों – विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान – में पूर्णकालिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। ये शिक्षक विद्यालय के परिसर में स्थित आवास में रहकर छात्राओं की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक आवश्यकताओं को प्रतिदिन पूरा करेंगे। वहीं कला, क्राफ्ट, गृह विज्ञान, कंप्यूटर तथा संगीत जैसे विषयों के लिए अंशकालिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो निर्धारित समय में विद्यालय आकर अपने विषय का अध्यापन करेंगे। अंशकालिक शिक्षकों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। ये नियुक्तियाँ 28 फरवरी तक मान्य रहेंगी और इसके पश्चात 11 माह 29 दिन की अवधि के लिए सेवा विस्तार प्रस्तावित है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय देश की उन महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को सुरक्षित आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास का अवसर प्रदान करती हैं। इन विद्यालयों में नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों की तैनाती से शिक्षा व्यवस्था और भी मजबूत होती है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि नई नियुक्तियों के बाद निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर का पालन और सीखने के परिणामों में सुधार देखने को मिलेगा।
जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, वे अब आधिकारिक जानकारी और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी अपडेट जिले की वेबसाइट या बेसिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर देख सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों से अपेक्षा की जाती है कि वे समय पर ज्वॉइनिंग औपचारिकताएँ पूरी करें ताकि विद्यालय में सत्र बिना किसी देरी के शुरू हो सके। आगामी महीनों में प्रतीक्षा सूची से भी पदों की पूर्ति जारी रहने की संभावना है, जिससे सभी विद्यालयों को पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
प्रयागराज प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर शिक्षकों की तैनाती यह दर्शाती है कि बालिका शिक्षा को मजबूत करना जिला और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सही समय पर हुए इस चयन से छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा और विद्यालयों का संचालन भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। उम्मीद की जा रही है कि नई भर्ती से शिक्षा के स्तर में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा और यह कदम प्रदेश में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।