परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास: फिरोजाबाद में आधुनिक शिक्षा की नई शुरुआत

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। फिरोजाबाद जिले के सात परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास तैयार करने का कार्य अब औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है। यह परियोजना लंबे समय से टेंडर प्रक्रिया में अटकी हुई थी, लेकिन अब सभी प्रशासनिक बाधाएं दूर होने के बाद काम ने रफ्तार पकड़ ली है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ना है।

सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली यह योजना न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि छात्रों के सीखने के अनुभव को भी पूरी तरह बदल देगी। स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई को अधिक रोचक, प्रभावी और व्यावहारिक बनाया जा सकेगा।

परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास: फिरोजाबाद में आधुनिक शिक्षा की नई शुरुआत

राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत 11 करोड़ की कार्ययोजना

फिरोजाबाद में परिषदीय स्कूलों के लिए तैयार की गई यह स्मार्ट क्लास योजना लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से लागू की जा रही है। यह राशि राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी थी और धनराशि भी जारी कर दी गई थी, लेकिन तकनीकी और टेंडर संबंधी अड़चनों के कारण काम शुरू नहीं हो सका था।

अब जब टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि सभी चयनित स्कूलों में निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह परियोजना केवल कागजी न रहकर जमीनी स्तर पर बच्चों को वास्तविक लाभ दे।

किन स्कूलों में बनेंगी स्मार्ट क्लास

इस योजना के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालय रहना, हिमांयूपुर, मथुरा नगर और लालऊ सहित कुल सात परिषदीय स्कूलों को शामिल किया गया है। इन सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। कक्षाओं को डिजिटल लर्निंग के अनुकूल बनाया जाएगा, ताकि शिक्षक और छात्र दोनों तकनीक का बेहतर उपयोग कर सकें।

स्मार्ट क्लास केवल एक डिजिटल बोर्ड तक सीमित नहीं होगी, बल्कि पूरे कक्षा वातावरण को सीखने के लिए अनुकूल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के बीच शिक्षा के स्तर का अंतर कम करना है।

आधुनिक फर्नीचर, लाइटिंग और पेयजल की सुविधा

स्मार्ट क्लास परियोजना में केवल तकनीकी उपकरण ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कक्षाओं में आधुनिक और आरामदायक फर्नीचर लगाया जाएगा, जिससे बच्चों को लंबे समय तक बैठकर पढ़ने में परेशानी न हो। बेहतर लाइटिंग व्यवस्था से कक्षा का वातावरण उज्ज्वल और सकारात्मक बनेगा, जो पढ़ाई के लिए जरूरी है।

इसके साथ ही, स्कूल परिसरों में पेयजल की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। जहां कहीं भवन या कक्षाएं जर्जर अवस्था में हैं, वहां मरम्मत कार्य भी इस परियोजना का हिस्सा होगा। इससे स्कूलों की कुल संरचना मजबूत होगी और छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

तकनीक आधारित शिक्षा से छात्रों को होगा सीधा लाभ

स्मार्ट क्लास का सबसे बड़ा लाभ छात्रों को मिलने वाला है। डिजिटल बोर्ड, ऑडियो-विजुअल कंटेंट और इंटरएक्टिव लर्निंग टूल्स के माध्यम से पढ़ाई को अधिक समझने योग्य बनाया जा सकेगा। गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में अवधारणाएं स्पष्ट करने में यह तकनीक बेहद सहायक होगी।

आज के डिजिटल युग में जब निजी स्कूलों में स्मार्ट शिक्षा आम हो चुकी है, ऐसे में परिषदीय स्कूलों में यह सुविधा मिलने से शिक्षा में समानता को बढ़ावा मिलेगा। इससे सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा।

समयसीमा तय, जनवरी 2026 तक काम पूरा करने के निर्देश

निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्यदायी संस्था को जनवरी 2026 के अंत तक सभी स्मार्ट क्लास तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। एक्सईएन निर्माण आशीष शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का पालन हो सके।

सरकारी योजनाओं में अक्सर देरी एक बड़ी समस्या होती है, लेकिन इस बार प्रशासन का प्रयास है कि काम को तय समय पर पूरा किया जाए। इससे भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी यह परियोजना एक मॉडल के रूप में काम कर सकती है।

सरकारी शिक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार परिषदीय स्कूलों को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है। स्मार्ट क्लास योजना इसी कड़ी का एक अहम हिस्सा है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उस उद्देश्य से भी मेल खाती है, जिसमें तकनीक आधारित और छात्र-केंद्रित शिक्षा पर जोर दिया गया है।

अधिकृत जानकारी और अपडेट के लिए शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://basiceducation.up.gov.in और स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़े सरकारी पोर्टल्स को देखा जा सकता है। यहां से अभिभावक और शिक्षक इस योजना से संबंधित प्रमाणिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

निष्कर्ष: सरकारी स्कूलों के लिए नया भविष्य

फिरोजाबाद के परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, बल्कि शिक्षकों को भी पढ़ाने के आधुनिक साधन उपलब्ध होंगे। यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो आने वाले समय में अन्य जिलों में भी इसी तरह की परियोजनाओं को गति मिल सकती है।

कुल मिलाकर, परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास योजना शिक्षा को अधिक समावेशी, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकती है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने